वेल्डिंग के प्रकार तथा मशीनें

धातु को धातु से जोड़ने के लिए पाँच प्रकार की वेल्डिंग का उपयोग किया जाता है। आजकल की वेल्डिंग मशीनें तीन अथवा चार प्रकार की वेल्डिंग करने में सक्षम हैं। यह ३-इन-१ अथवा ४-इन-१ वेल्डिंग मशीन के रूप में उपलब्ध हैं। यहाँ पर हमने सभी प्रकार की वेल्डिंग तथा वेल्डिंग मशीनों को सूचित किया है। 

वेल्डिंग के प्रकार

मैन्युअल मेटल आर्क (एम्. एम्. ए.)
मेटल इनर्ट गैस (एम्. आई. जी.)
मेटल आर्क बिना गैस (एम्. ए. डब्लू. जी.)
टंगस्टन इनर्ट गैस (टी. आई. जी.)
गैस टॉर्च वेल्डिंग (जी. टी.)

वेल्डिंग मशीनें

४-इन-१ आर्क वेल्डिंग मशीन
रक्षाकवच गैस सिलिंडर
गैस टॉर्च वेल्डिंग के टैंक

मैन्युअल मेटल आर्क (एम्. एम्. ए.)

एम्. एम्. ए. को शील्डेड मेटल आर्क वेल्डिंग भी कहा जाता है। इस प्रकार की वेल्डिंग में एक फ्लक्स की परत युक्त इलेक्ट्रोड की छड़ को वेल्डिंग के जोड़ों में भरने के लिए उपयोग किया जाता है। वेल्डिंग मशीन से स्थानांतरित की गयी विधुत धारा को धातु तथा इलेक्ट्रोड के बीच एक चिंगारी उत्पन्न करने में किया जाता है। यह चिंगारी धातु तथा इलेक्ट्रोड को पिघलाकर एक साथ जोड़ देती है। एम्. एम्. ए. वेल्डिंग का उपयोग लोहा, स्टील तथा उन धातुओं को जोड़ने में किया जाता है जो उच्च तापमान पर पिघलती है।

मेटल इनर्ट गैस (एम्. आई. जी.)

एम्. आई. जी. को मेटल एक्टिव गैस तथा गैस मेटल आर्क वेल्डिंग भी कहा जाता है। इस प्रकार की वेल्डिंग में एक इलेक्ट्रोड के तार (बिना फ्लक्स की परत युक्त) को वेल्डिंग के जोड़ों में भरने के लिए उपयोग किया जाता है। इस वेल्डिंग में CO2 अथवा आर्गोन गैस का उपयोग वेल्डिंग जोड़ों को वातावरण की अशुद्धियाँ से बचाने में किया जाता है। एम्. आई. जी. वेल्डिंग मशीन एक "वायर फीड यूनिट" तथा एक "वेल्डिंग गन" से युक्त होती है। वायर इलेक्ट्रोड को "वायर फीड यूनिट" तथा रक्षात्मक गैस को "गैस सिलिंडर" से एक नलिका द्वारा वेल्डिंग गन तक भेजा जाता है। वेल्डिंग मशीन द्वारा उत्पन्न की गयी विधुत धारा का उपयोग इलेक्ट्रोड तथा धातु के बीच चिंगारी उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। यह चिंगारी धातु के टुकड़े तथा इलेक्ट्रोड को पिघलाकर जोड़ देती है। एम्. आई. जी. वेल्डिंग का उपयोग स्टील, लोहा तथा अन्य धातुओं को जोड़ने में किया जाता है। 

मेटल आर्क बिना गैस (एम्. ए. डब्लू. जी.)

एम्. ए. डब्लू. जी. वेल्डिंग को एम्. आई. जी. वेल्डिंग मशीन द्वारा ही किया जाता है। इस प्रकार की वेल्डिंग में एक फ्लक्स की परत युक्त वायर इलेक्ट्रोड का उपयोग किया जाता है तथा रक्षात्मक गैस का उपयोग नहीं किया जाता (क्योंकि वायर इलेक्ट्रोड फ्लक्स की परत युक्त होता है)। विधुत धारा की आपूर्ति एम्. आई. जी. वेल्डिंग मशीन द्वारा की जाती है। यह विधुत धारा एक चिंगारी उत्पन्न करती है तथा धातु के टुकड़ों को पिघलाकर जोड़ देती है। एम्. ए. डब्लू. जी. वेल्डिंग का उपयोग स्टील, लोहा तथा उच्च तापमान पर पिघलने वाली धातुओं को जोड़ने में किया जाता है।

टंगस्टन इनर्ट गैस (टी. आई. जी.)

टी. आई. जी. वेल्डिंग को गैस टंगस्टन आर्क वेल्डिंग भी कहा जाता है। इस वेल्डिंग का उपयोग एलुमिनियम तथा निम्न तापमान पर पिघलने वाली धातुओं को जोड़ने में किया जाता है। इस प्रकार की वेल्डिंग में रक्षात्मक गैस का उपयोग वेल्ड को रक्षाकवच प्रदान करने तथा टंगस्टन तार का उपयोग वेल्डिंग के जोड़ों में भरने के लिए किया जाता है। टी. आई. जी. वेल्डिंग गन, एम्. आई. जी. वेल्डिंग गन से पृथक होती है।  इसके लिए "वायर फीड यूनिट" की आवश्यकता नहीं होती। क्योंकि इसमें टंगस्टन वायर की आपूर्ति हाथ से की जाती है।

गैस टॉर्च वेल्डिंग (जी. टी.)

गैस टॉर्च वेल्डिंग को ऑक्सी-एसिटिलीन वेल्डिंग भी कहा जाता है। इस प्रकार की वेल्डिंग में, ऑक्सीजन तथा एसिटिलीन गैस का उपयोग वेल्डिंग टोर्च में अग्नि प्रज्वलित करने के लिए किया जाता है। तार का उपयोग जोड़ों में भरने के लिए किया जाता है। भरने वाले तार का प्रकार, वेल्डिंग की जा रही धातु पर निर्भर करता है।

४-इन-१ आर्क वेल्डिंग मशीन

इस प्रकार की मशीन एम्. एम्. ए., एम्. आई. जी., एम्. ए. डब्लू. जी., तथा टी. आई. जी. वेल्डिंग करने में उपयोग की जाती है।

रक्षाकवच गैस सिलिंडर

इसका उपयोग एम्. आई. जी. तथा टी. आई. जी. वेल्डिंग में किया जाता है। एम्. आई. जी. तथा टी. आई. जी. वेल्डिंग में सामान्यतः CO2 तथा आर्गोन गैस का उपयोग किया जाता है।

गैस टॉर्च वेल्डिंग के टैंक

यह ऑक्सीजन तथा एसिटिलीन गैस के टैंक होते हैं। जो की गैस टॉर्च वेल्डिंग में उपयोग किए जाते हैं।